8.5 विकलांग अरुणिमा सिन्हा की एवरेस्ट फतह

“जहाँ चाह वहाँ राह,” इस कथन को सही साबित करते हुए भारत की एक विकलांग महिला ने विश्व इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया| कहते हैं कि भारत की बेटियाँ अगर शांत हों तो सीता हैं और अगर साहस दिखायें तो फिर चंडी बन जाती हैं| अरुणिमा सिन्हा, भारत की वह बेटी हैं जिन्होंने विश्व को भारतीय महिलाओं की शक्ति से परिचित कराया|

अरुणिमा सिन्हा का जन्म २० जुलाई १९८९ में पंडाटोला मुह्हले में हुआ था| पंडाटोला, भारत के उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में स्थित है| अरुणिमा बचपन से ही खेल-कूद में रुचि रखती थीं| अपने स्कूल में वह वॉलीबॉल की अच्छी खिलाड़ी रही थीं| जैसे-जैसे समय बीतता गया अरुणिमा की पहचान वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में राष्ट्रीय स्त्तर पर होने लगा था| अरुणिमा की सफलता की यात्रा हर तरह की समस्याओं और परेशानियों से भरी थी| मगर उन्होंने इन सारी परेशानियों से लड़ते हुए एक सफल वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में अपना नाम कमाया|

शायद, अरुणिमा की सफलता और इसके साथ-साथ उनकी परेशानियों का अंत यहाँ नहीं था| अरुणिमा जी की ज़िन्दगी में एक बहुत दुखद दुर्घटना घटी| ११ अप्रैल २०११ को जब अरुणिमा जी लखनऊ से दिल्ली जा रही थीं तब रात करीब एक बजे कुछ लुटेरे ट्रेन के अन्दर घुस आये| उन्होंने अरुणिमा को अकेली पा कर उसे लूटना चाहा| मगर अरुणिमा ने अपने साहस और वीरता का अतुल्य परिचय दिया और उन लुटेरों को सफल नहीं होने दिया| मगर इस असफलता से गुस्सा हो कर उन्होंने अरुणिमा जी को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया| अरुणिमा पूरी रात रेलवे पटरी पर पड़ी रहीं मगर कोई भी उनकी मदद करने नहीं आया| जब सुबह हुई और लोगों ने उन्हें देखा और अंत में जब उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती किया गया| डॉक्टर भी उनकी हालत देखकर घबरा गए| इस दुर्घटना की वजह से अरुणिमा जी अपने पैरों से हाथ धो बैठीं| डॉक्टरों को उनके पैर काट कर लोहे के पैर लगाने पड़े|

कुछ महीनों बाद, जब अरुणिमा जी अच्छी हुई तब उनके नए सपने और फैसले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया| अरुणिमा जी ने यह फ़ैसला किया कि वे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना चाहती हैं| सभी लोगों ने उन्हें बहुत समझाया और इनकी हालत को देखते हुए उन्हें ऐसा करने से मना भी किया| मगर अरुणिमा अपने फ़ैसले पर अडिग रहीं| ठीक होते ही, अपने सपने को अपने दिल में सजाये, वह वछेंद्री पाल से मिलने जम्शेदपुर गयीं| वछेन्द्री पाल भारत की पहली महिला हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ायी की है| वछेंद्री पाल अरुणिमा के साहस और हौसले को देखकर नतमस्तक हो गयीं|

इस मुलाक़ात के बाद, अरुणिमा जी ने वछेंद्री पाल से पर्वतारोहण की कला और गुर सीखे| अपनी ट्रेनिंग खत्म करने के बाद, अरुणिमा जी ने अपना ऐतिहासिक सफर ३१ मार्च २०१३ शुरू किया| इस यात्रा के दौरान अरुणिमा जी को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा: कड़ाके की ठंड, बर्फ़ीली पहाड़ियाँ और अपने साथियों का अविश्वास के बावजूद वह आगे बढ़ती गयीं| ५२ दिनों की इस साहसिक यात्रा का अंत तब हुआ जब २१ मई २०१३ को अरुणिमा जी ने अपने लौह-पाँव माउंट एवरेस्ट की शिखर चोटी पर रखा| भारत की इस विकलांग बेटी ने अपनी इस साहसिक और अतुल्य सफलता से न सिर्फ़ लोगों को चौंका दिया बल्कि पूरी दुनिया को साहस की एक नयी परिभाषा से परिचित कराया|

कहते हैं कि “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत|” अरुणिमा जी ने अपनी विकलांगता को अपनी कमजोरी बनने नहीं दिया| वह चाहतीं तो वह भी लाखों विकलांग लोगों की तरह निराश होकर बैठ जाती मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया| उन्होंने दुनिया के सामने महिला शक्ति और आत्मा-विश्वास का एक ऐसा उदाहरण रखा जो सदियों तक लोग भूल नहीं पायेंगे|

https://en.wikipedia.org/wiki/Arunima_Sinha

http://www.achhiadvice.com/2016/12/10/mountaineer-arunima-sinha-hindi-story/

Glossary

कथन n.m. statement
साबित करना v.t. to prove
विकलांग adj. disable
विश्व n.m. world
इतिहास n.m. history
दर्ज n.m. record
शांत adj. quite
सीता n.f. a mythical female character in Ramayana
साहस n.m. courage
चंडी n.f. a mythical female character
परिचित कराना v.t. to introduce
स्थित adj. situated
वॉलीबॉल n.m. volleyball
खिलाड़ी n.m. plyer
राष्ट्रीय adj. national
लड़ना v.i. to fight
नाम कमाना v.t. to earn name
अंत n.m. an end
दुखद adj. sad
दुर्घटना n.f. accident
लुटेरा n.m. robber
वीरता n.f. heroism
अतुल्य adj. incomparable
असफलता n.f. un-successfulness
भर्ती करना v.t. to admit
चौंका देना v.t. to surprise
चढ़ाई करना v.t. to climb
अडिग adj. immovable
नतमस्तक adj. having the head lowered in devotion
गुर n.m. secret
ऐतिहासिक adj. historical
अविश्वास n.m. distrust
लौह-पाँव n.m. iron-foot
विकलांगता n.f. state of physical disability
आत्म-विश्वास n.m. self-reliance
उदाहरण n.m. an example
सदी n.f. century
भूलना v.i. to be forgotten

Key phrases

जहाँ चाह वहाँ राह where there is a will, there is a way हमें हमेशा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए क्योंकि जहाँ चाह है वहाँ राह है| We should always keep positive thoughts because where there is a will, there is a way.
नाम दर्ज कराया to record name मैंने पार्टी में जाने वाले लोगों में अपना नाम दर्ज कराया| I recorded my name in the list of people who are coming to the party.
X से हाथ धो बैठना to lose X बारिश में भींगने के कारण, मैं अपने फ़ोन से हाथ धो बैठा| Due to rain, I lost my phone.
मन के हारे हार है और मन के जीते जीत It is the mind which wins and defeats. मन बहुत शक्तिशाली है, क्योंकि मन के हारे हार है और मन के जीते जी| The mind is really powerful, because it is the mind which wins and defeats.

Exercises

5.1 True or False

Read the following sentences carefully. Based on the text, decide whether these sentences are true or false.

  1. कहते हैं कि भारत की बेटियाँ अगर शांत हों तो चंडी हैं और जब साहस दिखाये तो फिर सीता बन जाती हैं|
  2. अरुणिमा सिन्हा का जन्म २० जुलाई १९८९ में पंडाटोला मुह्हले में हुआ था|
  3. अपने स्कूल में अरुणिमा सिन्हा वालीवाल की अच्छी खिलाड़ी नहीं थीं|
  4. अरुणिमा जी की ज़िन्दगी में एक बहुत दुखद दुर्घटना घटी|
  5. अरुणिमा पूरी रात बिस्तर पर पड़ी रहीं|

5.2 Choose the correct answer to the following questions based on the conversation.

5.2 Choose the correct answer to the following questions based on the conversation.

  1. अरुणिमा सिन्हा, ___________ की वह बेटी हैं जिन्होंने विश्व को भारतीय महिलाओं की शक्ति से परिचित कराया|
    1. पाकिस्तान
    2. अमेरिका
    3. रूस
    4. भारत
  2. पंडाटोला, भारत के ____________ के अंबेडकर नगर जिले में स्थित है|
    1. मध्य प्रदेश
    2. बिहार
    3. उत्तर प्रदेश
    4. राजस्थान
  3. अरुणिमा की सफलता यात्रा हर तरह की ______________ से भरा था|
    1. खुशियों
    2. परेशानियों
    3. दिलचस्प बातों
    4. मज़ेदार बातों
  4. वछेन्द्री पाल भारत की ___________ महिला हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ायी की हैं|
    1. पहली
    2. दूसरी
    3. तीसरी
    4. चौथी
  5. अरुणिमा जी ने अपना ऐतिहासिक सफर ३१ मार्च __________को शुरू किया|
    1. २०११
    2. २०१२
    3. २०१३
    4. २०१४

5.3 Match each phrase in the left column with the most appropriate ones in the right column to make complete sentences

कहते हैं कि भारत की बेटियाँ अगर शांत हों तो सीता हैं ३१ मार्च २०१३ शुरू किया|
अरुणिमा सिन्हा, भारत की वे बेटी हैं तब उनके नए सपने और फैसले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया|
११ अप्रैल २०११ को जब अरुणिमा जी लखनऊ से दिल्ली जा रही थीं और जब साहस दिखाये तो फिर चंडी बन जाती हैं|
कुछ महीनों बाद, जब अरुणिमा जी अच्छी हुईं जिन्होंने विश्व को भारतीय महिलाओं की शक्ति से परिचित कराया|
अपनी ट्रेनिंग खत्म करने के बाद, अरुणिमा जी ने अपना ऐतिहासिक सफर तब रात करीब एक बजे कुछ लुटेरे ट्रेन के अन्दर घुस आये|

5.4 Question-Answer

Answer the following questions based on the text given above.

  1. अरुणिमा सिन्हा का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
  2. अरुणिमा बचपन से ही किस खेल में रुचि रखती थीं|
  3. ११ अप्रैल २०११ को जब अरुणिमा जी लखनऊ से दिल्ली जा रही थीं तब रात करीब एक बजे क्या हुआ?
  4. अरुणिमा जी ने वछेंद्री पाल से क्या सीखा?
  5. “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत” का क्या अर्थ है?

5.5 Form one sentence with each list of words given below.

  1. आप, मेरा, परिचय कराना
  2. भाई, नाम, कमाना |
  3. चोर, ट्रेन के अन्दर, घुस आना
  4. सरिता, अपना घर, सजाना
  5. मैं, आप, भूल नहीं पाना

5.6 Word activities:

Word derivation: the following words are derived from related words in the text. Scan the text to find the related words and then form a sentence with each related word.

  1. बचपन
  2. असफलता
  3. यात्री
  4. अंतिम
  5. परिभाषित

5.7 Activities

  1. Please write 10-15 sentences about any woman who you know and think has done extraordinary things.

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